श्राद्ध का अर्थ और महत्व: कर्म , प्रकार , मुख्य नियम और सावधानियां
हिन्दू धर्म में ‘श्राद्ध’ अपने दिवंगत पूर्वजों (पितरों) के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण विधान है पितरों के लिए श्रद्धा से किए गए मुक्ति कर्म को श्राद्ध कहते हैं तथा तृप्त करने की क्रिया और देवताओं, ऋषियों या पितरों को तंडुल या तिल मिश्रित जल अर्पित करने की क्रिया को…

