SRN में एडवोकेट की पिटाई पर हंगामा : प्रयागराज में वकीलों ने 6 घंटे चक्का जाम किया
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अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला के साथ मारपीट के विरोध में वकील पहले स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में धरने पर बैठे थे। उत्तर प्रदेश जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवधर तिवारी ने आरोप लगाया था कि सर्वेश शुक्ला को कैंची से मारा गया, उनके कंधे और निजी अंगों पर चोट पहुंचाई गई और सुई घोंपी गई।
उनकी पत्नी के साथ भी मारपीट की गई। वकीलों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। अधिकारियों से बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बनने पर अधिवक्ताओं ने महात्मा गांधी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
डीसीपी सिटी सागर जैन ने बताया, मंगलवार दोपहर बारह बजे वकीलों के प्रतिनिधिमंडल को मिलने के लिए बुलाया गया है। वहां उच्चाधिकारियों के समक्ष इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया जाएगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कुछ नाम बताए गए हैं, जिन्हें निलंबित किया गया है
पुलिस से तीसरे राउंड की बात के बाद अधिवक्ताओं ने दावा किया कि 12 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन मिला है। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद चक्का जाम समाप्त कर दिया गया है। छह घंटे तक चला प्रदर्शन अब खत्म हो गया है।
जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवधर तिवारी ने कहा, पुलिस अफसरों से एक दौर की वार्ता हुई।उन्होंने गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। अधिवक्ता बिना गिरफ्तारी हटने को राजी नहीं हैं। ऐसे में जब तक गिरफ़्तारी नहीं होती है, वकील प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे।महात्मा गांधी मार्ग तक पिछले पांच घंटों से अफरा तफरी का माहौल है। वकीलों का चक्का जाम जारी है। दो आईपीएस, दो एसीपी सिटी मजिस्ट्रेट चौदह थानों की फोर्स मौके पर मौजूद है, लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा है।
SRN अस्पताल में भर्ती कृष्णा पटेल (19) की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल रेफर नहीं किया और इलाज में लापरवाही बरती। कुछ देर पहले ही कृष्णा को मृत घोषित किया गया। भाई ने रोते हुए कहा कि वह इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे।
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अधिवक्ता एके त्रिपाठी ने कहा कि कुछ दिन पहले अधिवक्ता जागृति शुक्ला की भी बर्बरता के कारण मौत हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले में भी लीपापोती हुई और कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि अब वकील शांत नहीं बैठेंगे। जब तक मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अधिवक्ता धरना-प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे।
उत्तर प्रदेश जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवधर तिवारी ने कहा कि अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला और उनकी पत्नी के साथ मारपीट की गई। सर्वेश शुक्ला को कैंची से मारा गया। उनके कंधे और निजी अंगों पर चोट पहुंचाई गई और सुई भी घोंपी गई। उनकी पत्नी के साथ भी मारपीट हुई। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों से बातचीत जारी, आश्वासन से संतुष्ट नहीं
देवधर तिवारी ने कहा कि अधिकारियों से बातचीत चल रही है, लेकिन वकील केवल आश्वासन नहीं चाहते। उनकी मांग है कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। गिरफ्तारी होने के बाद ही धरना खत्म होगा। इसके लिए चाहे पूरी रात बैठना पड़े या एक-दो दिन और प्रदर्शन करना पड़े, वकील पीछे नहीं हटेंगे।

