जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

 

जंतर-मंतर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर, प्रदर्शन स्थल से हटाने के खिलाफ  याचिका - pil filed in supreme court on jantar mantar protest site ban  petition opposes removal in sc

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से बाहर करने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश के तहत लिया गया है। सर्वोच्च अदालत ने निर्देश दिया था कि विरोध-प्रदर्शन के लिए सही स्थानों की पहचान की जाए और उन चिन्हित जगहों पर लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने इसी आधार पर व्यवस्था में उक्त बदलाव किया है।

हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन के कारण कई मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और ट्रेनों को रद्द करने के खिलाफ दाखिल की गई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि अब समय आ गया है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने वालों को बुनियादी सुविधाएं दी जाएं। इसके लिए प्रदर्शन की जगहों की पहचान किए जाने की जरूरत है। खासकर ऐसी जगहों की पहचान करनी चाहिए जहां सुविधाएं दी जा सकें।

सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि सक्षम अधिकारी को उसके सुझाव पर विचार करना चाहिए और इस पर उचित फैसला लिया जाना चाहिए। दिल्ली पुलिस की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने जस्टिस अमित महाजन के सामने सर्वोच्च अदालत के उक्त आदेश का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के उक्त आदेश पर ही 3 वैकल्पिक जगहों की पहचान करने का फैसला किया।

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तीन मांगों पर नोटिस

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि चूंकि जंतर-मंतर को डी-नोटिफाई कर दिया गया है ऐसे में उक्त याचिका अब निरर्थक हो गई है। हालांकि इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रमुख उदय भानु चिब की ओर से पेश एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि याचिका में कुछ और मांगें भी हैं जिन पर विचार किया जाना चाहिए। वकीलों की दलीलें संक्षेप में सुनने के बाद, कोर्ट ने चिब की तीन मांगों पर नोटिस जारी किया।

 

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