करवा चौथ 2026 की तारीख, पूजा मुहूर्त और व्रत का समय: जानिए पूरी जानकारी

करवा चौथ 2026 की तारीख, पूजा मुहूर्त और व्रत का समय: जानिए पूरी जानकारी

कब है सुहागिनों का महापर्व करवा चौथ, जानिए तिथि, महत्व और पूजा शुभ मुहूर्त  - Karwa Chauth 2026 Kab Hai Know Subh Muhurat Puja Vidhi Tithi And  Significance In Hindi - Amar

करवा चौथ हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे विवाहित महिलाएँ अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ मनाती हैं। इस दिन महिलाएँ सूर्योदय से लेकर चंद्रमा के दर्शन करने तक व्रत रखती हैं और शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश तथा करवा माता की पूजा करती हैं।

हर साल करवा चौथ आने से पहले लोगों के मन में कई सवाल होते हैं—करवा चौथ कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है, व्रत कब शुरू करना चाहिए और चंद्रमा कितने बजे निकलेगा?

1. करवा चौथ 2026 कब है?

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कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी

करवा चौथ 2026 में गुरुवार, 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएँ परंपरा के अनुसार व्रत रखेंगी, शाम को पूजा करेंगी और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलेंगी

2. करवा चौथ 2026 पूजा मुहूर्त और व्रत का समय

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29 अक्टूबर 2026, गुरुवार

पूजा का शुभ मुहूर्त

शाम 5:48 से 7:05 बजे तक

चंद्रमा निकलने का अनुमानित समय

रात 8:32 बजे

व्रत का अनुमानित समय

सुबह 6:32 से रात 8:32 बजे तक

लगभग 14 घंटे

ध्यान दें: ये समय कोटा के स्थानीय पंचांग के अनुसार हैं। दूसरे शहरों में पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का समय अलग हो सकता है। अपने शहर के अनुसार समय की पुष्टि अवश्य करें।

3. करवा चौथ की चतुर्थी तिथि कब शुरू और समाप्त होगी?

पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1:06 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 10:09 बजे समाप्त होगी। ये समय भारतीय मानक समय के अनुसार हैं।

करवा चौथ का व्रत परंपरागत रूप से चतुर्थी तिथि पर रखा जाता है। पूजा और व्रत के पालन में स्थानीय पंचांग तथा परिवार की धार्मिक परंपरा का ध्यान रखना चाहिए।

4. करवा चौथ का व्रत कब शुरू करें?

करवा चौथ के दिन व्रत की शुरुआत सामान्यतः सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने के बाद होती है। सरगी सास द्वारा बहू को दी जाने वाली पारंपरिक भोजन की थाली है। इसमें फल, मिठाई, सूखे मेवे और अन्य खाद्य पदार्थ रखे जाते हैं।

सरगी खाने के बाद महिलाएँ व्रत का संकल्प लेती हैं और पूरे दिन भोजन नहीं करतीं। कई महिलाएँ निर्जला व्रत रखती हैं, अर्थात पानी भी नहीं पीतीं।

कोटा में सूर्योदय से संबंधित स्थानीय पंचांग के अनुसार व्रत का समय सुबह लगभग 6:32 बजे से माना गया है। सरगी का समय सूर्योदय से पहले रखें और अपने स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करें।

5. करवा चौथ की पूजा विधि क्या है?

करवा चौथ की पूजा शाम को श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ की जाती है। पूजा के लिए निम्नलिखित विधि अपना सकती हैं।

  1. पूजा स्थल तैयार करें: घर के मंदिर या साफ स्थान पर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की तस्वीर स्थापित करें।

  2. पूजा की थाली सजाएँ: थाली में दीपक, रोली, चावल, फूल, मिठाई, जल और करवा रखें।

  3. भगवान का पूजन करें: अपनी परंपरा के अनुसार भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और करवा माता की पूजा करें।

  4. व्रत कथा सुनें: परिवार की परंपरा के अनुसार करवा चौथ की कथा पढ़ें या सुनें।

  5. चंद्रमा को अर्घ्य दें: चंद्रमा निकलने पर जल अर्पित करें और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।

  6. व्रत खोलें: चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत खोलें।

पूजा की विधि अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में कुछ भिन्न हो सकती है।

6. करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य क्यों दिया जाता है?

हिंदू धार्मिक परंपरा में चंद्रमा को शीतलता, शांति और सौम्यता से जोड़ा जाता है। करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन करना और उसे अर्घ्य देना व्रत की प्रमुख परंपरा है।

महिलाएँ चंद्रमा को जल अर्पित करके अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना करती हैं। इसके बाद कई परिवारों में छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखने की रस्म निभाई जाती है।

यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और आपसी जुड़ाव का प्रतीक भी मानी जाती है।

7. करवा चौथ के दिन किन बातों का ध्यान रखें?

करवा चौथ की तैयारी करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना उपयोगी है।

  • पूजा सामग्री और व्रत कथा की तैयारी एक दिन पहले कर लें।

  • चंद्रमा निकलने का समय अपने शहर के अनुसार जाँचें।

  • पूजा के लिए आवश्यक सामग्री पहले से व्यवस्थित रखें।

  • यदि आप व्रत रख रही हैं, तो अपनी सेहत का ध्यान रखें।

  • गर्भवती महिलाओं और मधुमेह या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों को उपवास से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार विवाहित महिलाओं के लिए धार्मिक आस्था, प्रेम और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है।

इस दिन सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद व्रत रखा जाता है, शाम को पूजा और कथा की जाती है तथा रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग देखना जरूरी है।

आप सभी को करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएँ! यह पर्व आपके जीवन में प्रेम, सुख, शांति और खुशियाँ लेकर आए

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