बाजारों में सन्नाटा, हाथ जोड़कर दुकानें बंद कराने निकले व्यापारी : बूंदी
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जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार, कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति, 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं सुचारू करने और व्यापारी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को बूंदी बंद का आह्वान किया गया। बंद का असर शहर के प्रमुख बाजारों में दिखाई दिया। कोटा रोड, इंदिरा मार्केट समेत कई इलाकों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बंद के समर्थन में व्यापारिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी और व्यापारी सुबह से ही बाजारों में पैदल घूमते नजर आए और दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की।
चौगान गेट के बाहर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने धरना दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और बाजार बंद कराने के लिए जुलूस के रूप में कोटा रोड की ओर रवाना हुए। प्रदर्शनकारी कोटा रोड, नैनवां रोड, लंका गेट, गायत्री नगर और खोजा गेट समेत शहर के विभिन्न बाजारों में पहुंचे। जहां भी दुकानें खुली मिलीं, वहां प्रदर्शनकारियों ने दुकानदारों से हाथ जोड़कर प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर लंबे समय से समस्याएं सामने आ रही हैं। बंद के जरिए सरकार और प्रशासन तक जनता की मांग पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दुकानदारों से कहा कि यदि बाजार पूरी तरह बंद रहता है तो सरकार तक जनता और व्यापारियों की मांग मजबूती से पहुंचेगी और जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ेगी। उन्होंने इसे बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था बेहतर करने की मांग से जोड़ते हुए व्यापारियों से सहयोग की अपील की।
पूर्व विधायक अशोक डोगरा ने कहा कि व्यापार मंडल की ओर से जनभावना के अनुरूप बूंदी बंद का आह्वान किया गया है और व्यापारियों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी दूर करने और 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं सुचारू करने की मांग की। डोगरा ने पूर्व में हुई मरीज और व्यापारी की मौत के मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए पहले भी बंद और प्रदर्शन होते रहे हैं। जरूरत पड़ने पर आगे भी आंदोलन किया जाएगा और जनता की मांगें सरकार के सामने मजबूती से रखी जाएंगी।
बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। एसपी अवनीश कुमार शर्मा के निर्देशन में शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। पुलिसकर्मी लगातार बाजार की स्थिति पर नजर रखते रहे। जब व्यापारिक और सामाजिक संगठनों के लोग दुकानदारों के बीच पहुंचकर प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील कर रहे थे, तब पुलिसकर्मी उनके और दुकानदारों के बीच मौजूद रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को स्पष्ट किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से बाहर से बंद की अपील कर सकते हैं, लेकिन किसी दुकानदार से जबरन दुकान बंद नहीं करवा सकते।

