रूसी तेल पर ब्रेक लगाएगा भारत? नवंबर की खरीद पर नजर, अमेरिका के 100% टैरिफ का असर
भारत के लिए रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है। अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की शक्ति देने वाला कानून लागू होने के बाद भारतीय रिफाइनर नवंबर की डिलीवरी के लिए रूसी तेल की खरीद घटाने और दूसरे स्रोतों से कच्चा तेल लेने के विकल्प तलाश रहे हैं।
भारत के लिए रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है। अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की शक्ति देने वाला नया कानून लागू होने के बाद भारतीय तेल रिफाइनर नवंबर में मिलने वाले कच्चे तेल की खरीद घटाने पर विचार कर रहे हैं।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक भारत की प्रमुख रिफाइनिंग कंपनियां पिछले कुछ दिनों में रूस के बजाय दूसरे देशों से कच्चा तेल खरीदने के विकल्प तलाशने लगी हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रूस से तेल खरीद में कितनी कटौती होगी। वहीं दूसरी ओर भारत रूसी तेल के खरीदारों पर लगाए जा सकने वाले अमेरिकी टैरिफ के ब्योरे का अध्ययन कर रहा है।
भारत हाल के महीनों में अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा रूस से खरीद रहा था। इसका एक प्रमुख कारण रूस से मिलने वाला अपेक्षाकृत सस्ता तेल और पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति में बनी रुकावटें हैं।
कितनी होगी रूसी तेल की कटौती?
मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, भारत निकट अवधि में रूस से होने वाले कच्चे तेल के आयात को कुल आयात के करीब 20-30% तक सीमित कर सकता है। हालांकि, यह अभी संभावित रणनीति है और अंतिम फैसला सरकार तथा तेल कंपनियों की आगे की बातचीत और हालात पर निर्भर करेगा।
भारत अमेरिका के साथ भी बातचीत जारी रखेगा। भारत यह भी देख रहा है कि अमेरिका रूस के अन्य बड़े तेल खरीदारों, खासकर चीन, पर इन नए प्रावधानों को किस तरह लागू करता है।
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भारत की क्या प्रतिक्रिया?
भारत रूसी तेल के खरीदारों पर लगाए जा सकने वाले अमेरिकी टैरिफ के ब्योरे का अध्ययन कर रहा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को यह प्रतिक्रिया दी। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने यूक्रेन में युद्ध को लेकर रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के मकसद से व्यापक प्रतिबंध और टैरिफ बिल पारित किया है। इसके कुछ दिनों बाद भारत का रुख सामने आया है।
तेल की कीमतों में उछाल
पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल कीमतों में मंगलवार को भी उछाल आया। भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे ब्रेंट क्रूड 1.54% की तेजी के साथ 101.90 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 1.28% उछलकर 93.55 डॉलर पर था।

