नवमी व्रत में क्या खाएं? बिना प्याज-लहसुन की 7 स्वादिष्ट व्रत रेसिपी

नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की भक्ति, श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। इन नौ दिनों में बहुत से लोग व्रत रखते हैं और सात्त्विक भोजन का सेवन करते हैं। नवरात्रि के अंतिम दिन यानी अष्टमी या नवमी को कई परिवार कन्या पूजन करके व्रत का पारण करते हैं। ऐसे में हर किसी के मन में सवाल आता है कि नवमी व्रत में क्या खाना चाहिए और बिना प्याज-लहसुन के स्वादिष्ट भोजन कैसे बनाएं?
अगर आप भी नवरात्रि में व्रत रख रहे हैं, तो इस लेख में आपको सात आसान और स्वादिष्ट व्रत रेसिपी मिलेंगी। इन व्यंजनों को कुट्टू के आटे, सिंघाड़े के आटे, साबूदाने, आलू और दही जैसी सामग्री से तैयार किया जा सकता है।
नवमी व्रत में क्या खाना चाहिए?
नवमी व्रत में क्या खाया जा सकता है, यह आपके व्रत के नियमों और परिवार की परंपरा पर निर्भर करता है। सामान्यतः फलाहार करने वाले लोग फल, दूध, दही, मेवे और कुछ विशेष अनाज या आटे से बने व्यंजन खाते हैं।
व्रत में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ सामान्य सामग्री इस प्रकार हैं:
- कुट्टू का आटा: इससे पूरी, पराठा और चीला बनाया जा सकता है।
- सिंघाड़े का आटा: इससे रोटी, हलवा और पकौड़ी बनाई जा सकती है।
- साबूदाना: इससे खिचड़ी, वड़ा और खीर तैयार की जा सकती है।
- आलू: उबले आलू की सब्जी और टिक्की व्रत के लोकप्रिय विकल्प हैं।
- फल और मेवे: केला, सेब, पपीता, बादाम और मखाना ऊर्जा देने वाले विकल्प हैं।
- दूध और दही: इनसे लस्सी, रायता और अन्य फलाहारी व्यंजन बनाए जा सकते हैं।
ध्यान रखें कि कुछ परिवार व्रत में अनाज, नमक या कुछ विशेष सामग्री का सेवन नहीं करते। इसलिए खाना बनाने से पहले अपने व्रत के नियमों के अनुसार सामग्री चुनें।
बिना प्याज-लहसुन के 7 स्वादिष्ट व्रत रेसिपी

1. कुट्टू के आटे की पूरी
कुट्टू के आटे की पूरी नवरात्रि व्रत के लिए एक लोकप्रिय व्यंजन है। इसे आलू की सब्जी या दही के साथ खाया जा सकता है।
सामग्री:
- 1 कप कुट्टू का आटा
- 2 उबले हुए आलू
- सेंधा नमक स्वादानुसार
- आवश्यकतानुसार पानी
- तलने के लिए घी या तेल
बनाने की विधि:
सबसे पहले उबले आलू को अच्छी तरह मैश कर लें। इसमें कुट्टू का आटा और सेंधा नमक मिलाएं। जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर आटा गूंथ लें। कुट्टू का आटा सामान्य गेहूं के आटे की तरह आसानी से नहीं बंधता, इसलिए आलू मिलाने से पूरी बनाना आसान हो जाता है।
अब छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और दो प्लास्टिक शीट या हल्के तेल लगे हाथों की मदद से उन्हें आकार दें। गर्म घी या तेल में पूरियों को सुनहरा होने तक तल लें। इन्हें गरमागरम परोसें।
2. सिंघाड़े के आटे का चीला
अगर आप हल्का और जल्दी बनने वाला नाश्ता चाहते हैं, तो सिंघाड़े के आटे का चीला अच्छा विकल्प है।
सामग्री:
- 1 कप सिंघाड़े का आटा
- 1 उबला आलू
- सेंधा नमक
- बारीक कटा हरा धनिया, यदि आपके व्रत में अनुमत हो
- पानी और घी
बनाने की विधि:
एक बर्तन में सिंघाड़े का आटा लें। इसमें मैश किया हुआ आलू, सेंधा नमक और थोड़ा पानी मिलाकर घोल तैयार करें। तवा गर्म करें और उस पर थोड़ा घी लगाएं। घोल फैलाकर चीला बनाएं और दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें। इसे दही के साथ परोस सकते हैं।
3. साबूदाने की खिचड़ी
साबूदाने की खिचड़ी व्रत के दौरान खाए जाने वाले सबसे लोकप्रिय व्यंजनों में से एक है।
सामग्री:
- 1 कप साबूदाना
- 1 उबला आलू
- 2 बड़े चम्मच मूंगफली
- 1 छोटा चम्मच घी
- सेंधा नमक
- जीरा और हरी मिर्च, यदि व्रत में अनुमत हों
बनाने की विधि:
साबूदाने को धोकर पर्याप्त पानी में भिगो दें। भिगोने का समय साबूदाने के आकार पर निर्भर करता है। जब दाने नरम हो जाएं, तो अतिरिक्त पानी निकाल दें। कड़ाही में घी गर्म करके जीरा और हरी मिर्च डालें। फिर आलू और मूंगफली मिलाएं। अब साबूदाना और सेंधा नमक डालकर धीमी आंच पर पकाएं। जब दाने पारदर्शी हो जाएं, तो खिचड़ी तैयार है।
4. फलाहारी आलू की सब्जी
आलू की फलाहारी सब्जी कुट्टू की पूरी या सिंघाड़े की रोटी के साथ अच्छी लगती है।
सामग्री:
- 3 उबले आलू
- 1 छोटा चम्मच घी
- सेंधा नमक
- जीरा और हरी मिर्च, यदि अनुमत हों
- पानी और हरा धनिया
बनाने की विधि:
कड़ाही में घी गर्म करें और जीरा डालें। इसके बाद कटी हुई हरी मिर्च और आलू डालकर हल्का भूनें। सेंधा नमक और आवश्यकतानुसार पानी मिलाएं। कुछ मिनट पकाने के बाद गैस बंद कर दें। ऊपर से हरा धनिया डालें और गरमागरम परोसें।
5. सिंघाड़े के आटे का हलवा
मीठा खाने के शौकीन लोगों के लिए सिंघाड़े के आटे का हलवा एक स्वादिष्ट विकल्प है।
सामग्री:
- आधा कप सिंघाड़े का आटा
- 2 बड़े चम्मच घी
- आधा कप चीनी या स्वादानुसार
- लगभग 1 से 1½ कप पानी
- कटे हुए मेवे
बनाने की विधि:
एक कड़ाही में घी गर्म करें और सिंघाड़े के आटे को धीमी आंच पर भूनें। जब आटे से अच्छी खुशबू आने लगे और उसका रंग हल्का बदल जाए, तो धीरे-धीरे गर्म पानी डालें। लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न बनें। इसके बाद चीनी मिलाएं और हलवे को गाढ़ा होने तक पकाएं। ऊपर से मेवे डालकर परोसें।
6. साबूदाने की खीर
साबूदाने की खीर व्रत के लिए एक स्वादिष्ट मीठा व्यंजन है। इसे गर्म या ठंडा दोनों तरह से खाया जा सकता है।
सामग्री:
- ¼ कप साबूदाना
- 500 मिलीलीटर दूध
- 2–3 बड़े चम्मच चीनी
- इलायची पाउडर
- कटे हुए बादाम और काजू
बनाने की विधि:
साबूदाने को धोकर थोड़ी देर भिगो दें। एक बर्तन में दूध गर्म करें और उसमें साबूदाना डालें। धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं, जब तक साबूदाना नरम न हो जाए। अब चीनी, इलायची और मेवे मिलाएं। कुछ मिनट पकाने के बाद गैस बंद कर दें। ठंडा होने पर खीर और गाढ़ी हो सकती है।
7. मखाने की खीर
मखाने की खीर स्वादिष्ट होने के साथ-साथ व्रत के भोजन में विविधता भी लाती है।
सामग्री:
- 1 कप मखाना
- 500 मिलीलीटर दूध
- 2 बड़े चम्मच चीनी
- 1 छोटा चम्मच घी
- इलायची और कटे हुए मेवे
बनाने की विधि:
सबसे पहले मखानों को घी में हल्का भून लें। इनमें से कुछ मखाने मोटे तौर पर पीस लें और बाकी साबुत रखें। एक बर्तन में दूध गर्म करें और उसमें मखाने डालकर धीमी आंच पर पकाएं। जब मखाने नरम हो जाएं और दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तो चीनी, इलायची और मेवे मिलाएं। कुछ मिनट बाद गैस बंद कर दें। स्वादिष्ट मखाने की खीर तैयार है।
नवमी व्रत में भोजन करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
व्रत में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का भी ध्यान रखना जरूरी है।
- पर्याप्त पानी पिएं, जब तक आपके व्रत के नियम इसकी अनुमति देते हों।
- फल, दूध, दही और मेवों जैसे विकल्पों से भोजन में विविधता रखें।
- बहुत अधिक तला हुआ भोजन खाने से बचें।
- कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की शुद्धता और ताजगी जांच लें।
- सेंधा नमक और मसालों का इस्तेमाल अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार करें।
- यदि आपको मधुमेह या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो व्रत के भोजन में बदलाव करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लें।
नवमी व्रत में स्वादिष्ट भोजन करने के लिए बहुत अधिक सामग्री की जरूरत नहीं होती। कुट्टू के आटे की पूरी, सिंघाड़े के आटे का चीला, साबूदाने की खिचड़ी, फलाहारी आलू की सब्जी, सिंघाड़े का हलवा, साबूदाने की खीर और मखाने की खीर जैसे व्यंजन आसानी से बनाए जा सकते हैं।
आप अपनी पसंद और व्रत के नियमों के अनुसार इन रेसिपी को चुन सकते हैं। भोजन में संतुलन रखें, स्वच्छता का ध्यान दें और श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की आराधना करें।
मां दुर्गा आप सभी को सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। जय माता दी!

