“मुझे अब हमारे देश में वो शांति महसूस नहीं होती………………संजय दत्त ने कहा
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संजय दत्त शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में देश के मौजूदा हालात पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में हैं. गांधी जयंती के मौक़े पर प्रसारित इस विशेष एपिसोड में संजय दत्त ने कहा कि उन्हें अब भारत में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती.
उन्होंने कहा कि भारत के लोग बहुत अच्छे, बड़े दिल वाले और मेहमाननवाज़ हैं और देश में शांति होनी चाहिए.
संजय दत्त ने कहा, “मुझे अब हमारे देश में वो शांति महसूस नहीं होती.” उन्होंने प्रार्थना की कि ‘वे दिन फिर लौट आएँ.’
इसके बाद शो में संजय दत्त से कहा गया कि वो पाँच मिनट के लिए ख़ुद को देश का प्रधानमंत्री मानकर लोगों को संबोधित करें.
इस पर संजय दत्त ने अपने चर्चित किरदार ‘मुन्नाभाई’ के अंदाज़ में एक व्यंग्यात्मक भाषण दिया. संजय दत्त के इन बयानों की सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा हो रही है.
सोशल मीडिया पर बहस के बाद संजय दत्त ने फ़ेसबुक पर सफ़ाई देते हुए कहा ” “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुँचाना, उनका अपमान करना या उनका अनादर करना मेरा उद्देश्य कभी नहीं रहा है.”
मेरी एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में की गई थीं, जिसका उद्देश्य हल्का-फुल्का और हास्यपूर्ण संवाद करना था. इसके पीछे की भावना ‘मुन्नाभाई’ जैसी फ़िल्मों में दिखाई गई हास्य और व्यंग्य की शैली के समान थी, विशेष रूप से ‘गांधीगिरी’ की उस सोच से प्रेरित थी, जिसका उद्देश्य प्रेम, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था. दुर्भाग्यवश, मेरी बातों को उस मूल संदर्भ से अलग तरीके से समझा गया.”
संजय दत्त शेखर सुमन के इस शो में जैसे ही बोलने के लिए खड़े हुए, उन्होंने कहा –
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वो देश के लोगों के बीच रहेंगे और विदेश जाकर जश्न नहीं मनाएँगे.
संजय दत्त ने कहा, “मेरे प्यारे देशवासियों, आज मैं आपका प्रधानमंत्री बन के बहुत ख़ुश हूं. इतना बड़ा देश है और इतने सारे लोग हैं… लेकिन आप लोग टेंशन बिल्कुल न लें. मैं इस खुशी को मनाने विदेश नहीं जाने वाला. मैं इधर ही रहूंगा.“
उन्होंने कहा कि देश में रहने के बाद ही प्रधानमंत्री और जनता के बीच सीधा संपर्क बन पाएगा. इसलिए हमारी सरकार में सबसे ज़्यादा ज़ोर भाईचारे पर होगा

