एक कर्मचारी की गलती की सजा उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाले पुरुष उम्मीदवारों को क्‍यों?

एक कर्मचारी की गलती… 4 राज्यों के पुरुषों पर नौकरी का बैन! Bengaluru CEO के  फैसले पर मचा बवाल बेंगलुरु की A1 Sports World के फाउंडर और CEO Karthik SG  ने X

एक कर्मचारी के दुर्व्यवहार ने बेंगलुरु की स्पोर्ट्स कंपनी A1 Sports World की भर्ती नीति को बड़े विवाद में ला दिया है.कंपनी के CEO कार्तिक शेनॉय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाले पुरुष उम्मीदवारों को कंपनी में नौकरी नहीं दी जाएगी. इसके पीछे उन्होंने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ी एक पूर्व कर्मचारी की घटना का हवाला दिया. फैसले के बाद सोशल मीडिया पर क्षेत्रीय भेदभाव से लेकर महिला सुरक्षा और निजी कंपनियों की भर्ती तक कई सवाल उठ रहे हैं

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उनके मुताबिक कर्मचारी पढ़ा-लिखा और सभ्य दिखाई देता था लेकिन करीब दो महीने बाद उसने महिला कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर बदतमीजी की.CEO ने एक महिला कर्मचारी के साथ जबरदस्ती करने का भी आरोप लगाया.यहीं से यह मामला केवल एक कंपनी की भर्ती नीति का नहीं रह जाता.यह सवाल संविधान, निजी रोजगार, जेंडर समानता, वर्कप्लेस सेफ्टी और कॉरपोरेट जिम्मेदारी तक पहुंच जाता है.

 कंपनी ने क्या फैसला लिया

शेनॉय ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लंबी चर्चा और बहस के बाद कंपनी ने उत्तर भारत के चार राज्यों से आने वाले पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी न देने का फैसला किया है. उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी में राजस्थान की एक महिला कर्मचारी पहले से काम कर रही हैं और उन्होंने इस फैसले का समर्थन किया है. पोस्ट में शेनॉय ने कहा कि संबंधित कर्मचारी को महिला कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के लिए दो बार चेतावनी दी गई थी और उसके खिलाफ कार्रवाई की गई. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी बच्चों के साथ काम करती है और टीम तथा बच्चों की सुरक्षा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है.वर्कप्लेस सेफ्टी को लेकर कंपनी की चिंता समझी जा सकती है लेकिन असली सवाल यह है कि एक कर्मचारी के कथित आचरण का जवाब चार राज्यों के सभी पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी से बाहर रखकर दिया जाना कितना तर्कसंगत है?

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है

अगर किसी महिला कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न या दुर्व्यवहार की शिकायत आती है तो कंपनी की जिम्मेदारी बनती है कि वह मामले को गंभीरता से ले. हरासमेंट ऑफ विमेन एट वर्कप्लेस एक्ट 2013 यानी POSH कानून सरकारी और निजी दोनों तरह के कार्यस्थलों पर लागू होता है.10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले कार्यस्थल पर इंटरनल कमेटी बनाने का प्रावधान है.शिकायतों की जांच और उनके निपटारे के लिए भी कानून में व्यवस्था है इसलिए अगर A1 Sports World में वास्तव में किसी महिला कर्मचारी के साथ ऐसी घटना हुई थी तो उसकी जांच होना,पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आरोपी के खिलाफ कानून तथा कंपनी की नीति के मुताबिक कार्रवाई होना जरूरी है लेकिन यहां एक बुनियादी फर्क है किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई और उसके राज्य के सभी पुरुषों के खिलाफ कार्रवाई एक बात नहीं है.

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